कोलकाता, 17 सितंबर । केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने गुरुवार को साल्ट लेक स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय केंद्र का दौरा कर खेल बुनियादी ढांचे, खिलाड़ियों के विकास और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में भारतीय खेल प्राधिकरण के निरंतर सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस दौरान रक्षा खडसे ने नेताजी सुभाष की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने हॉकी मैदान का निरीक्षण किया और प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों तथा प्रशिक्षकों से बातचीत कर उनकी प्रशिक्षण व्यवस्था, सुविधाओं और प्रतियोगिताओं से जुड़ी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जिम्नास्टिक और टेबल टेनिस की इनडोर सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों से बातचीत की। मंत्री ने खेल विज्ञान विभाग का भी दौरा किया और वहां कार्यरत विशेषज्ञों से खिलाड़ियों के विकास में वैज्ञानिक सहयोग की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, रिकवरी और प्रदर्शन में सुधार के लिए खेल विज्ञान के महत्व की समीक्षा की।
इस दौरान भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय निदेशक सिबानंद मिश्रा, ओलंपियन सोमा बिस्वास और पौलमी घटक, माय भारत के क्षेत्रीय निदेशक देव कुमार चटर्जी तथा भारतीय महिला रग्बी टीम की सदस्य मौजूद रहीं। रक्षा खडसे ने गुणवत्तापूर्ण कोचिंग के साथ खेल विज्ञान, पोषण, पुनर्वास और प्रदर्शन संबंधी सहायता को जोड़ने तथा खिलाड़ियों को नियमित प्रतियोगिताओं का अनुभव दिलाने पर जोर दिया।
रक्षा खडसे ने नए 300 बिस्तरों वाले खेलो इंडिया छात्रावास का भी निरीक्षण किया और खिलाड़ियों के लिए विकसित की जा रही आवासीय तथा अन्य सहायता सुविधाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने तीरंदाजी मैदान और एथलेटिक्स सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों से उनकी प्रशिक्षण संबंधी जरूरतों के बारे में बातचीत की। सुविधाओं के निरीक्षण के बाद रक्षा खडसे ने भारतीय खेल प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में क्षेत्रीय केंद्र के कामकाज, खिलाड़ियों के विकास, बुनियादी ढांचे, कोचिंग, खेल विज्ञान और खिलाड़ियों को उपलब्ध सहायता प्रणालियों पर चर्चा हुई।
रक्षा खडसे ने जमीनी स्तर पर खेलों के अवसरों को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों के लिए उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचने के बेहतर रास्ते तैयार करने में भारतीय खेल प्राधिकरण के निरंतर सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की समृद्ध खेल संस्कृति और प्रतिभा के आधार को बेहतर बुनियादी ढांचे, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और अधिक प्रतियोगिता अनुभव के जरिए और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए जरूरी सुविधाएं, प्रशिक्षण और सहयोग उपलब्ध कराने के महत्व पर भी जोर दिया।