वंदे मातरम् विवाद पर शांता कुमार का कांग्रेस पर हमला, कहा—मुस्लिम तुष्टीकरण के कारण गीत के दो छंदों पर हुआ विवाद

शिमला, 19 अगस्त । पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने वंदे मातरम् को लेकर चल रहे विवाद पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् स्वतंत्रता आंदोलन का मंत्र बन गया था और पूरे आंदोलन के दौरान यह राष्ट्रीय उद्घोष के रूप में करोड़ों देशवासियों को प्रेरित करता रहा। ऐसे में इसके दो छंदों को लेकर विवाद खड़ा किया जाना स्वतंत्र भारत की अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय घटना है।

शांता कुमार ने बुधवार को एक बयान में आरोप लगाया कि इस विवाद का मुख्य कारण कांग्रेस की कथित मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम तुष्टीकरण के कारण ही देश के विभाजन की त्रासदी सामने आई, जिसमें लाखों लोगों की जान गई और करोड़ों लोग विस्थापित हुए। उन्होंने कहा कि विश्व इतिहास की इस बड़ी और भयंकर त्रासदी के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों के बावजूद कांग्रेस के लिए मुस्लिम तुष्टीकरण आज भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के शुरुआती दौर में वंदे मातरम् का पूरा गीत गाया जाता था। उनके अनुसार क्रांतिकारी भगत सिंह और अशफाक उल्ला खां जैसे देशभक्त भी वंदे मातरम् का उद्घोष करते थे और यह राष्ट्रवाद का प्रेरणास्रोत था।

शांता कुमार ने कहा कि बाद में मोहम्मद अली जिन्ना ने गीत के दो छंदों पर आपत्ति जताई, क्योंकि उनमें देवी दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का उल्लेख था। उन्होंने कहा कि इसी पृष्ठभूमि में बाद के वर्षों में वंदे मातरम् के उन दो छंदों का सार्वजनिक गायन बंद कर दिया गया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तत्कालीन व्यवस्था, परंपरा और सरकारी नियमों के अनुरूप वंदे मातरम् का जो स्वरूप प्रचलन में था, उसी का सम्मान करते हुए महात्मा गांधी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तक इसे गाते रहे। उन्होंने कहा कि उस समय की व्यवस्था का सम्मान किया गया, लेकिन अब परिस्थितियां और व्यवस्था बदल चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि यदि कानून के माध्यम से वंदे मातरम् के दोनों छंदों को गीत का हिस्सा माना गया है, तो आज के भारत में किसी को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। शांता कुमार ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि जिन देवियों की भारतीय संस्कृति में श्रद्धापूर्वक पूजा की जाती है, उनके उल्लेख वाले छंदों पर आज भी कांग्रेस के नेताओं की आपत्ति सामने आ रही है।

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी का नाम लेते हुए सवाल किया कि यदि अशफाक उल्ला खां जैसे देशभक्त को वंदे मातरम् के पूर्ण रूप के गायन पर आपत्ति नहीं थी, तो आज कांग्रेस नेताओं को इसके दो छंदों से क्या परेशानी है।

शांता कुमार ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष की राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति का प्रतीक रहा है।

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