बीसीआई चेयरमैन मनन मिश्रा के असीमित कार्यकाल को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

नई दिल्ली, 22 अगस्त । उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के कार्यकाल को चुनौती दी गई है। याचिका वकील योगमाया एमजी ने दायर की है।

याचिका में मनन कुमार मिश्रा के चेयरमैन के रूप में लंबे समय तक बने रहने को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि मनन कुमार मिश्रा पहली बार साल 2012 में बीसीआई चेयरमैन बने। मार्च, 2025 में उन्हें फिर निर्विरोध चुना गया था। याचिकाकर्ता इसे मनन कुमार मिश्रा का लगातार सातवां कार्यकाल बता रहे हैं। याचिका में बीसीआई द्वारा अप्रैल, 2025 में घोषित पांच साल के कार्यकाल को लेकर है।

याचिका में कहा गया है कि बीसीआई रुल्स के रुल 12(2) में चेयरमैन और वाइस-चेयरमैन के लिए दो साल के कार्यकाल या सदस्यता खत्म होने तक का प्रावधान है। याचिका में कहा गया है कि कोई प्रशासनिक नोटिफिकेशन नियमों द्वारा तय सीमा से ज्यादा कार्यकाल नहीं बढ़ा सकता है।

याचिका में इस दलील को चुनौती दी गई है कि उत्तराधिकारी चुने जाने तक बीसीआई सदस्यों के पद पर बने रहने से चेयरमैन भी अनिश्चितकाल तक पद पर बने रह सकते हैं। याचिका में कहा गया है कि एडवोकेट्स एक्ट की धारा 4(3) का प्रावधान केवल अंतरिम व्यवस्था है। यह चेयरमैन के अलग कार्यकाल को नहीं बढ़ाया है।

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