फतेहाबाद, 12 सितंबर । हरियाणा सरकार और नगर पालिका सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच 16 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनने के बाद पूरे प्रदेश में हड़ताल खत्म हो गई थी, लेकिन फतेहाबाद और रतिया में स्थानीय विवाद के चलते मामला उलझ गया। शनिवार को फतेहाबाद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी द्वारा स्थानीय स्तर पर सस्पेंड और सेवा से हटाए गए कर्मचारियों को वापस लेने से इनकार करने पर कर्मचारियों का गुस्सा भडक़ उठा।
कर्मचारियों ने साफ कर दिया था कि जब तक बर्खास्त और निलंबित साथियों की सेवा बहाली नहीं होगी, तब तक काम ठप रहेगा। हालांकि, विवाद बढ़ता देख जिला नगर आयुक्त प्रवीन कुमार खुद धरनास्थल पहुंचे और कर्मचारियों को री-जॉइनिंग लेटर सौंपकर हड़ताल समाप्त करवाई। हड़ताल खत्म होते ही शहर की सडक़ों की सफाई शुरू हो गई और कूड़े के ढेर गायब होने लगे हैं, जिससे आम जनता ने बड़ी राहत महसूस की है।यूनियन के जिला प्रधान विजय ढाका ने बताया कि राज्य स्तर पर समझौते के बावजूद स्थानीय निकाय अधिकारियों का रुख अडिय़ल था। फतेहाबाद में पालिका रोल पर कार्यरत जिला प्रधान विजय ढाका और कैशियर वीरू को सेवामुक्त कर दिया गया था, जबकि महिला नेत्री किरण को सस्पेंड किया गया था। इसके अलावा रतिया में भी पेरोल पर तैनात 10 कर्मचारियों को हटा दिया गया था और ठेके पर लगे कर्मचारियों को काम पर बुलाने से मना किया जा रहा था। जब कर्मचारियों ने इस संबंध में ईओ से बात की, तो उन्होंने बहाली से सीधा इनकार कर दिया। इसके बाद राज्य कमेटी के निर्देश पर फतेहाबाद और रतिया में हड़ताल जारी रखने का ऐलान कर दिया गया था।
डीएमसी ने धरनास्थल पहुंचकर थमाए री-जॉइनिंग लेटर
स्थिति बिगडऩे की सूचना मिलते ही डीएमसी प्रवीन कुमार नगर परिषद कार्यालय स्थित धरनास्थल पर पहुंचे। कर्मचारियों ने उनके समक्ष बर्खास्त कर्मियों की बहाली और ठेके के 65 कर्मचारियों को वापस काम पर लेने की मांग रखी। डीएमसी प्रवीन कुमार ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि राज्य स्तर पर लिया गया फैसला ही फतेहाबाद में लागू होगा और कोई अलग से स्थानीय कानून नहीं चलेगा। इस समझौते के तहत एफआईआर वापसी और हटाए गए कर्मियों की पुनर्बहाली शामिल है। मौके पर ही हटाए गए कर्मचारियों को री-जॉइनिंग पत्र देकर उनकी हाजिरी लगवाई गई। इसके साथ ही डीएमसी ने रतिया नगर पालिका अधिकारियों को भी फोन पर निर्देश देकर सभी हटाए गए कर्मचारियों की तत्काल जॉइनिंग कराने के आदेश दिए। अधिकारियों के इस कदम के बाद कर्मचारी शांत हुए और पूरे जिले में हड़ताल पूरी तरह समाप्त हो गई।