‘दृश्यम 3’ के ट्रेलर पर उठे सवाल, मेकर्स ने फिर दोहराया पुराना खेल

ट्रेलर में तब्बू बदले की भावना के साथ लौटती हैं, जबकि प्रकाश राज नए वकील और जयदीप अहलावत एसपी क्राइम ब्रांच के किरदार में नजर आ रहे हैं। नए किरदारों की एंट्री जरूर कहानी को बड़ा बनाने की कोशिश करती है, लेकिन कई जगह ट्रेलर ज्यादा डायलॉग और टकराव पर निर्भर दिखाई देता है। ‘दृश्यम’ की असली ताकत उसका शांत और दिमागी खेल था, जबकि इस बार कहानी को ज्यादा आक्रामक और हाई-वोल्टेज बनाने की कोशिश साफ नजर आती है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि नए किरदार वाकई कहानी में जान डालते हैं या सिर्फ पुराने ढांचे को नया चेहरा देते हैं।

अजय देवगन का डायलॉग, ‘अब ये खेल दिमाग का नहीं, नसीब का बन चुका है’, फिल्म की दिशा का संकेत देता है, लेकिन यही बात फ्रेंचाइजी के पुराने फैंस के लिए चिंता भी पैदा कर सकती है। अगर ‘दृश्यम 3’ अपने सबसे मजबूत हथियार यानी दिमागी खेल से हटकर सिर्फ बदले, धमकी और बड़े टकराव पर निर्भर करती है, तो पिछली फिल्मों वाला असर दोहराना मुश्किल हो सकता है।

फिलहाल ट्रेलर में खतरा बड़ा जरूर दिख रहा है, लेकिन कहानी कितनी नई और दमदार है, इसका जवाब नहीं मिलता। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ‘दृश्यम 3’ वाकई फ्रेंचाइजी को शानदार अंत देगी या फिर दर्शकों को पुराने खेल की ही एक और कमजोर कड़ी देखने को मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *