मध्य प्रदेश के 18 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, इंदौर-उज्जैन संभाग में सिस्टम का रहेगा ज्यादा असर

भोपाल, 13 सितम्बर । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पश्चिमी हिस्से में इंदौर और उज्जैन संभाग में मौसम का सिस्टम ज्यादा असर दिखा रहा है। शनिवार को इंदौर, धार, बड़वानी, रतलाम और भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। रविवार को प्रदेश के 18 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में धार और बड़वानी में अति भारी बारिश हो सकती है। वहीं इंदौर, उज्जैन, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में भारी बारिश की चेतावनी है।

भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, नीमच, आगर-मालवा, शाजापुर, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर, दो दिन और बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, इस समय बंगाल की खाड़ी की ओर लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) सक्रिय है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ प्रदेश के दक्षिणी हिस्से से होकर गुजर रही है। इन दोनों सिस्टम के असर से अगले दो दिन प्रदेश में बारिश का दौर बना रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में सिस्टम का प्रभाव अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की उम्मीद है।

33 जिलों में 1 से 55 प्रतिशत तक बारिश कम

प्रदेश में अब भी 33 जिले ऐसे हैं, जहां औसत से कम बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश करीब 1 प्रतिशत कम है। वहीं बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में औसत से 2 प्रतिशत से 26 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है।

हालांकि, पिछले एक सप्ताह में बारिश के आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। इस दौरान पूर्वी हिस्से के कई जिलों में लगातार बारिश और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने। इसका असर सीजन के बारिश के आंकड़ों पर भी पड़ा है। बुधवार तक पूर्वी हिस्से में बारिश का अंतर घटकर करीब एक प्रतिशत रह गया था।

पश्चिमी हिस्से में कई जिले अभी भी पीछे

पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 1 प्रतिशत से 55 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।

इन 22 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश

आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 22 जिलों में अब तक औसत से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

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