धर्मशाला, 17 सितंबर । हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) के सितंबर-2026 सत्र में भारी लापरवाही बरतने वाले प्रदेश के 129 अध्ययन केंद्रों पर कड़ा संज्ञान लिया है। अनिवार्य होने के बावजूद इन केंद्रों द्वारा ‘पर्सनल कॉन्टैक्ट प्रोग्राम’ (पीसीपी) कक्षाएं आयोजित नहीं की गई हैं। शिक्षा बोर्ड ने अब इन संस्थानों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तुरंत कक्षाएं लगाकर रिपोर्ट नहीं सौंपी गई, तो संबंधित अध्ययन केंद्रों का परीक्षा परिणाम रोक दिया जाएगा।
बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि पूर्व में ही सभी अध्ययन केंद्रों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि एसओएस के तहत नव-प्रवेशित और अतिरिक्त विषय लेने वाले छात्रों के लिए पीसीपी कक्षाएं लगाना अनिवार्य है। इसके बावजूद 129 केंद्रों ने न तो निर्देशों का पालन किया और न ही बोर्ड मुख्यालय को कोई रिपोर्ट भेजी। अब बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया है कि सभी केंद्र तत्काल प्रभाव से पात्र परीक्षार्थियों के लिए कक्षाएं आयोजित करें और बिना किसी देरी के इसकी रिपोर्ट कार्यालय को भेजें। बोर्ड ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि इस लापरवाही के कारण किसी भी छात्र का परिणाम रुकता है, तो इसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी संबंधित अध्ययन केंद्र की ही होगी।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि एसओएस जमा दो कक्षा के डायरेक्ट साइंस स्ट्रीम के परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र आबंटित करते समय परीक्षा केंद्र विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे परीक्षार्थियों को उनके पंजीकृत विषयों के अनुरूप केवल एसओएस डायरेक्ट के निर्धारित फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी एवं मैथेमैटिक्स विषयों के प्रश्नपत्र ही आबंटित किए जाएं।
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नपत्रों के वितरण में किसी भी प्रकार की त्रुटि, लापरवाही अथवा परीक्षार्थी को गलत प्रश्नपत्र आबंटित किया जाना गंभीर मामला माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित परीक्षा केंद्र के केंद्र अधीक्षक एवं प्रभारी की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी तथा उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।