गुरुग्राम, 16 सितंबर । शहर के सेक्टर-50 स्थित प्राचीन बाबा बालक नाथ मंदिर में 11 सितंबर की रात हुई कार्रवाई के बाद बुधवार को विश्व हिंदू परिषद का प्रतिनिधिमंडल मंदिर परिसर पहुंचा। चप्पे-चप्पे पर घूमकर स्थिति का जायजा लिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने किया। उनके साथ हरियाणा प्रांत मंत्री यशवंत शेखावत, विभाग मंत्री देवेंद्र और गुरुग्राम जिला पालक एवं सह-सेवा प्रमुख अजीत सिंह मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और वहां मौजूद संतों व स्थानीय लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि 11 सितंबर की रात करीब 02:30 बजे हुई कार्रवाई में प्राचीन मंदिर को क्षति पहुंचाई गई। मूर्तियों को तोड़ा गया और मंदिर परिसर में मौजूद गोवंश को भी वहां से ले जाया गया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि जिस तरह बाबा बालक नाथ जी की समाधि, मंदिर और चालीस मूर्तियों को इतनी बर्बरता से ध्वस्त किया गया, उसे देखकर गजनी और बाबर भी शर्मिंदा होंगे। उन्होंने कहा कि रामभक्त सरकार के राज्य में इस प्रकार की घटना चिंताजनक है। दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि मंदिर में तीन समाधियां थीं, जिनमें से दो तोड़ दी गईं। उन्हें पुन: बनवाया जाए। तोड़ी गई मूर्तियों की पुन: प्राण-प्रतिष्ठा कर स्थापना की जाए और खंडित मूर्तियों को वापस किया जाए ताकि विधिवत विसर्जन किया जा सके। जिन संतों व स्थानीय लोगों पर केस दर्ज हुए हैं, उन्हें खत्म किया जाए। गोवंश को बर्बरता से ले जाया गया, जो हरियाणा गौ-संरक्षण कानून का उल्लंघन है। दोषी अधिकारियों पर काऊ स्लॉटर एक्ट के तहत कार्रवाई हो और गोवंश को वापस लाकर यहीं व्यवस्था की जाए।
डॉ. जैन ने कहा कि यह मंदिर की जमीन पंचायत ने दी थी और गांव व समाज के लोगों ने अपने पैसे से चहारदीवारी और मंदिर बनवाया था। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशासन अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों, सेक्टरों में बनी आठ अवैध मजारों, शीतला कॉलोनी में अवैध मस्जिद और कब्रिस्तान को नहीं हटाता, लेकिन जनता के सहयोग से बने वैध मंदिर को तोड़ दिया। ऐसा लगता है कि गुरुग्राम का संचालन भू-माफिया ही कर रहा है। यह भूमाफियाओं के इशारे पर हुआ है। गुरुग्राम में न कोई तालाब बचा है, न गौ-चारण की भूमि। यह गुरु द्रोण और मां शीतला की धरती है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विहिप ने चेतावनी दी कि यदि मांगे नहीं मानी गईं तो साधु-संतों के साथ मिलकर सडक़ पर उतरकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में तुरंत कार्रवाई की अपील की है।