तिरंगे से छेड़छाड़ पर बवाल, अशोक चक्र की जगह लिखा मिला इस्लामी कलमा, मुकदमा दर्ज

महोबा, 27 अगस्त । यूपी के महोबा जिले में ईद-मिलाद-उन-नबी बाराबफात के जुलूस के दौरान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। जुलूस में लहराए गए एक तिरंगे झंडे में बीच में बने अशोक चक्र की जगह अरबी भाषा में इस्लामी कलमा लिखा होने का फोटो वायरल होते ही विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस्लामी परचम में रंगे तिरंगे को देखकर राष्ट्रवादी संगठनों में आक्रोश फैल गया।

जनपद मुख्यालय में बाराबफात के जुलूस की एक तस्वीर इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि तिरंगे के सफेद हिस्से पर अरबी भाषा में कुछ लिखा हुआ है। जानकारों के अनुसार इसमें इस्लामी कलमा ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर रसूलुल्लाह लिखा हुआ है। जिसका अर्थ होता है अल्लाह के सिवा कोई पूज्य नहीं ।

ईद-मिलाद-उन-नबी के जुलूस में इस्लामी परचम में रंगा तिरंगा की तस्वीर को लेकर राष्ट्रवादी और हिंदुत्ववादी संगठन आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस से मामले को लेकर जांच करा दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

जनपद मुख्यालय के सुभाष नगर निवासी रामकिशोर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि नगर में ईद-मिलाद-उन-नबी के जुलूस में एक व्यक्ति द्वारा तिरंगा झंडा पर इस्लामिक शब्दों का प्रयोग किया गया था। जो कि राष्ट्रीय ध्वज का अपमान है। तिरंगे के अपमान को लेकर राष्ट्रवादियों ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर बारावफात जुलूस के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के अपमान संबंधी दावा प्रसारित किया जा रहा है। स्पष्ट करना है कि फोटो में दिखाई दे रहा झण्डा भारतीय राष्ट्रीय ध्वज नहीं है।भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की मध्य सफेद पट्टी में नेवी ब्लू रंग का 24 तीलियों वाला अशोक चक्र होना निर्धारित है, जबकि उक्त झण्डे में अशोक चक्र के स्थान पर अन्य लिखावट अंकित है। फिर भी, प्रकरण की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित झण्डे को तत्काल जुलूस से हटवा दिया गया था।

गुरुवार को सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय ध्वज के अपमान निवारण अधिनियम 1971 की धारा 2 के तहत अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की है।

हिन्दू संगठनों ने जताई नाराजगी

जानकारों के अनुसार तिरंगे में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त चिन्ह, लेखन या परिवर्तन करना राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम का उल्लंघन है। वायरल फोटो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।इधर इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। हिन्दू संगठनों ने इसे तिरंगे का अपमान बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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