नई दिल्ली, 22 अगस्त । दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों को दिल्ली स्कूल शिक्षा कानून के तहत नहीं निकाला जा सकता है। कोर्ट ने दिल्ली पब्लिक स्कूल को निर्देश दिया कि वो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की साढ़े तेरह साल की छात्रा को अपनी 8वीं कक्षा की पढ़ाई जारी रखने दे।
छात्रा ने अपनी मां के जरिए याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि स्कूल से अनुपस्थित रहने और एक परीक्षा छूट जाने के बाद स्कूल ने निकालने का आदेश दिया था।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि ईडब्लूएस की छात्रा साल 2016 से स्कूल में पढ़ रही है और वो अभी आठवीं कक्षा की छात्रा है। याचिका में कहा गया था कि छात्रा 6 जुलाई से स्कूल नहीं गई थी और उस दिन होने वाली परीक्षा भी नहीं दे पाई थी।
उच्च न्यायालय ने कहा कि दिल्ली स्कूल शिक्षा कानून की धारा 37(1)(बी) में खासतौर पर 14 साल या उससे ज्यादा की उम्र के छात्रों के लिए जुर्माना, स्कूल से निकालना और निलंबन जैसे अनुशासनात्मक उपायों का प्रावधान है। उच्च न्यायालय ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता की उम्र अभी सिर्फ साढ़े तेरह साल है और स्कूल की कार्रवाई प्रथम दृष्टया दिल्ली स्कूल शिक्षा कानून के नियमों का उल्लंघन है।