नैनीताल, 04 नवंबर । दिल्ली पुलिस की एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के अधिवक्ताओं को लेकर कथित विवादित बयान के विरोध में नैनीताल के अधिवक्ता, जिला बार संघ नैनीताल के पूर्व सचिव दीपक रूवाली ने थाना तल्लीताल में शिकायती पत्र देकर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करने और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
रूवाली ने 4 नवंबर को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एसीपी ने अधिवक्ताओं को ‘काले कोट वाले बहरूपिये गुंडे’ बताते हुए उनके विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं।
शिकायत के अनुसार, अधिकारी ने अधिवक्ताओं पर झूठे मुकदमे कराने, वारंट कराकर पुलिसकर्मियों को न्यायालय बुलाने और वहां उनके साथ मारपीट करने तथा थानों में अराजकता फैलाने जैसे आरोप लगाये हैं। उन्होंने इन कथित टिप्पणियों को पूरे अधिवक्ता समाज का अपमान बताते हुए इसकी निंदा की है।
शिकायतकर्ता ने पत्र में यह भी दावा किया है कि संबंधित अधिकारी को विवादित कृत्यों और बयानों के संबंध में गृह मंत्रालय द्वारा निलंबित किया जा चुका है, इसके बावजूद निलंबन के बाद भी उनके विवादित बयान जारी रहे। उन्होंने इसे पुलिस विभाग की अनुशासनात्मक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए सुसंगत धाराओं में अभियोग दर्ज करने और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि शीघ्र ठोस कार्रवाई न होने पर नैनीताल जिले के अधिवक्ता व्यापक आंदोलन शुरू करने को विवश होंगे।
शिकायत की प्रतिलिपि केंद्रीय गृह मंत्री, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं सचिव, उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक और नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है।