देहरादून, 26 सितंबर । उत्तराखंड के देहरादून जिले के रायवाला क्षेत्र में 65 वर्षीय महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए बेटी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पुश्तैनी संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलने से नाराज बेटी ने कथित तौर पर प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
पुलिस के मुताबिक 21 सितंबर को शहीद भगत सिंह कॉलोनी लाइनपार मोतीचूर निवासी खजानी देवी अपने घर से लापता हो गई थीं। मकान के गेट पर बाहर से ताला लगा था। रात करीब 10:30 बजे उनके बेटे संजय पुंडीर ने ताला तोड़कर घर के भीतर देखा तो खजानी देवी बाथरूम में मृत मिलीं। इस संबंध में रायवाला थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के लिए छह टीमें गठित की गईं। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में मृतका की बेटी शिल्पा थापा का पुश्तैनी जमीन को लेकर मां और भाई के साथ विवाद सामने आया। इसी दौरान शिल्पा के परिचित शिवनारायण पांडे उर्फ सोनू की घटना से पहले मृतका के घर के आसपास मौजूदगी की जानकारी मिली।
पुलिस के अनुसार घटना के बाद शिवनारायण का मोबाइल बंद था। उसकी तलाश में रायवाला, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में करीब 500 होटल एवं धर्मशालाओं तथा बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी समेत करीब 700 कैमरों की फुटेज खंगाली गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 25 सितंबर को उसे हरिद्वार स्थित शांति कुंज आश्रम से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में शिवनारायण ने शिल्पा के कहने पर खजानी देवी की हत्या करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने 26 सितंबर को शिल्पा थापा को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि शिल्पा और शिवनारायण की मुलाकात मार्च में हरिद्वार के एक होटल में हुई थी। दोनों के बीच संबंध बनने के बाद शिल्पा ने शिवनारायण को बताया कि उसकी मां के नाम रानीपोखरी क्षेत्र में पुश्तैनी जमीन है और मां और भाई उसे बेच रहे हैं, लेकिन उसे हिस्सा नहीं दिया जा रहा है। पुलिस के अनुसार शिल्पा ने मां की हत्या के बाद जमीन बेचकर शिवनारायण के साथ गृहस्थी बसाने का प्रस्ताव रखा था।
पुलिस का कहना है कि शिल्पा ने शिवनारायण को खजानी देवी के अपनी सौतेली मां होने की गलत जानकारी भी दी थी। दोनों के बीच घटना से पहले 19 सितंबर को भी मृतका के घर पर विवाद हुआ था। जांच के अनुसार 21 सितंबर को शिवनारायण खजानी देवी के घर पहुंचा और कथित तौर पर गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने मकान में बाहर से ताला लगाया और मौके से फरार हो गया था।