फतेहाबाद, 07 नवंबर । हरियाणा में नियमितीकरण की मांग को लेकर संघर्षरत अतिथि अध्यापक इस बार आठ नवंबर को काली दिवाली मनाकर सरकार के प्रति विरोध दर्ज कराएंगे। वहीं, आंदोलन के 147वें दिन 15 नवंबर को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय प्रदर्शन कर लघु सचिवालय के समक्ष ‘मॉक पार्लियामेंट’ का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी शिक्षा विभाग के नकारात्मक स्पीकिंग ऑर्डर की प्रतियां जलाते हुए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय का घेराव करेंगे। यह बात शनिवार को रतिया स्थित कंबोज धर्मशाला में राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ और सर्व कर्मचारी संघ की संयुक्त प्रेसवार्ता में कर्मचारी नेता सीएन भारती ने कही। संघ के नेता सी.एन. भारती ने कहा कि प्रदेश के अतिथि अध्यापक पिछले 21 वर्षों से सरकारी स्कूलों में पूरी निष्ठा से शिक्षण कार्य कर रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें नियमित करने की बजाय लगातार अस्थायी ढांचे में उलझाए हुए है। उन्होंने कहा कि 8 नवंबर को पूरे प्रदेश में काली दिवाली मनाई जाएगी और 15 नवंबर को मॉक पार्लियामेंट के जरिए सरकार की जवाबदेही, नियमितीकरण के कानूनी पहलुओं और प्रशासनिक हठधर्मिता पर तीखे सवाल उठाए जाएंगे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव कृष्ण नैन ने शिक्षा विभाग द्वारा जारी नकारात्मक स्पीकिंग ऑर्डर को न्यायिक आदेशों की भावना के विपरीत और मनमाना करार दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा जून 2014 में जारी तीन वर्षीय नियमितीकरण नीति के तहत कॉलेज कैडर के अतिथि प्रोफेसरों को नियमित किया जा चुका है, जबकि समान योग्यता और परिस्थितियों वाले स्कूल शिक्षकों को वंचित रखा गया। कृष्ण नैन ने शिक्षकों से आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एक साझा और पारदर्शी मंच पर एकजुट होने का आह्वान किया। राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ की महिला विंग की अध्यक्ष पूनम कुमारी ने बताया कि 15 नवंबर के घेराव और प्रदर्शन में भी प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिला शिक्षक कुरुक्षेत्र पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करेंगी। इस अवसर पर एसकेएस के फतेहाबाद जिला सचिव देवीलाल, हरजिंदर कंबोज, सुरजीत सचदेवा, भूदेव, प्रदेश कंबोज, रीना रानी, श्वेता, राजेंद्र बाटू, भूप सिंह, मलकीत सिंह, रघुवीर सिंह, पुष्पा कुमारी और किरण पाल कौर सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।