धरनारत कर्मचारियों के अनुसार करीब 10 कर्मचारियों को तीन महीने से और 136
कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों ने कहा कि समय पर वेतन
नहीं मिलने के कारण उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने जल्द
कर्मचारियों ने डीएमसी लक्षित सरीन पर उनकी समस्याएं नहीं सुनने का आरोप लगाया।
कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगें रखने के लिए डीएमसी के पास पहुंचे थे, लेकिन
उनकी बात सुने बिना ही वह वहां से चले गए। कर्मचारियों ने यह भी दावा किया कि सरकार
की ओर से मिलने वाला तेल और साबुन करीब एक साल से उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया है।
सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया
गया तो 30 सितंबर से नगर परिषद कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों
ने कहा कि आंदोलन लंबा खिंचने के कारण यदि शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है तो