बीकानेर उपमहापौर चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोप, कांग्रेस पार्षद प्रतिनिधि ने जांच की मांग की

बीकानेर, 04 अक्टूबर । बीकानेर नगर निगम उपमहापौर चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी को स्पष्ट बहुमत होने तथा आरएलपी प्रत्याशी एवं तीन निर्दलीय पार्षदों के समर्थन के बावजूद कांग्रेस के ही कुछ पार्षदों द्वारा कथित रूप से क्रॉस वोटिंग किए जाने के कारण पार्टी प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। यह घटनाक्रम कांग्रेस संगठन के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच होना आवश्यक है।

वार्ड नंबर 66 के पार्षद प्रतिनिधि गुलाम मुस्तफा (बाबूभाई) ने कहा कि उपमहापौर चुनाव में हुई कथित क्रॉस वोटिंग के साथ-साथ प्रत्याशी चयन से लेकर पार्षदों की बाड़ाबंदी, प्रशिक्षण शिविर की व्यवस्थाओं तथा चुनाव के दौरान हुई गतिविधियों की भी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध कार्य करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर, दोष सिद्ध होने पर कांग्रेस पार्टी के संविधान एवं अनुशासन के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव में प्रत्याशी चयन को लेकर भी संगठन के भीतर गंभीर सवाल उठे हैं। वर्षों से कांग्रेस संगठन के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की कथित अनदेखी कर ऐसे लोगों को प्रत्याशी बनाए जाने के आरोप सामने आए हैं, जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि कांग्रेस की विचारधारा से मेल नहीं खाती। कुछ प्रत्याशियों के भाजपा अथवा अन्य राजनीतिक दलों से पूर्व संबंध होने की चर्चाएं भी सामने आई हैं। ऐसे मामलों में संबंधित प्रत्याशियों की अनुशंसा करने वाले नेताओं की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

गुलाम मुस्तफा ने कहा कि उपमहापौर पद के लिए पार्षद नसीम बानो को कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कांग्रेस के निर्वाचित पार्षदों द्वारा प्रदेश नेतृत्व के समक्ष यह आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने पार्षदों को भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग के लिए कथित रूप से प्रेरित किया। इन आरोपों की सत्यता जांच समिति द्वारा पार्षदों के बयान एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष रूप से तय की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 66 में सर्वसमाज के समर्थन से नसीम बानो की जीत बीकानेर की गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का उदाहरण है। ऐसे में किसी भी स्तर पर धर्म के आधार पर राजनीतिक भेदभाव अथवा पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को हराने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षण शिविर यानी बाड़ाबंदी के दौरान बाहरी एवं संदिग्ध व्यक्तियों के प्रवेश तथा उपमहापौर चुनाव से एक दिन पूर्व व्यवस्थाओं में हुई कथित लापरवाही की भी जांच की मांग की। साथ ही, पार्टी प्रत्याशी की घोषणा के बाद कांग्रेस पार्षदों के साथ जाकर नामांकन दाखिल करवाने वाले व्यक्तियों की भूमिका की भी पहचान कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।

गुलाम मुस्तफा ने स्पष्ट किया कि नसीम बानो को उपमहापौर प्रत्याशी बनाए जाने के संबंध में उन्होंने किसी भी नेता अथवा चयनकर्ता से कोई सिफारिश नहीं की थी। उन्होंने कहा कि उनकी मांग केवल यह थी कि निर्वाचित कांग्रेस पार्षदों में से ही किसी एक योग्य पार्षद को सर्वसम्मति से उपमहापौर पद का प्रत्याशी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित जांच समिति से उनका आग्रह है कि वह पूरे मामले में लगाए गए आरोपों, पार्षदों के बयानों तथा उपलब्ध दस्तावेजी एवं अन्य साक्ष्यों को संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच करे। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका या आरोप सत्य पाए जाते हैं तो संबंधित प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध पार्टी संविधान के अनुरूप कठोरतम अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। गुलाम मुस्तफा ने कहा कि निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई से ही संगठन के निष्ठावान कार्यकर्ताओं का विश्वास कायम रहेगा तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा।

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