जयपुर, 03 सितंबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने रिसोर्ट में हिस्सेदारी देने और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में नाम शामिल करने के नाम पर 40 लाख रुपए की धोखाधडी के आरोपित गोरधन दास माहेश्वरी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज को खारिज कर दिया है।
जस्टिस चन्द्र प्रकाश श्रीमाली ने अपने आदेश में कहा कि आरोपित के खिलाफ इस मामले से संबंधित समान प्रकृति के अन्य 4 केस भी दर्ज हैं। ये विभिन्न व्यक्तियों से रुपए लेकर वापस नहीं देने और ब्याज वसूली से संबंधित हैं। प्रथम दृष्टया उसके खिलाफ धोखाधडी का मामला बनना पाया है और अनुसंधान जारी है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आरोपित को अग्रिम जमानत नहीं दे सकते।
अग्रिम जमानत याचिका में कहा गया कि वह वरिष्ठ नागरिक है और उसे कई गंभीर बीमारियां हैं। ऐसे में उसे अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाए। जिसका विरोध करते हुए पीडित पक्ष की ओर से अधिवक्ता दीपक चौहान ने कहा कि आरोपी ने जैसलमेर के किशनघाट में रिसोर्ट व स्पा में हिस्सेदारी देने और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल करने के नाम पर साल 2017 में परिवादिया से 40 लाख रुपए अपने बैंक खाते में प्राप्त किए थे। आरोपी ने शुरूआत में उसे मुनाफा भी दिया, लेकिन बाद में मुनाफा देना बंद कर दिया और उसका फोन भी नहीं उठाया। इस दौरान रिसोर्ट को एक होटल चैन समूह को दे दिया गया। ऐसे में आरोपित को अग्रिम जमानत नहीं दी जाए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनकर आरोपित की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।