धर्मशाला, 02 अक्टूबर । हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की जा रही राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) की परीक्षाओं में नकलचियों की अब खैर नहीं है। शिक्षा बोर्ड ने परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और ‘नकल माफिया’ पर लगाम लगाने के लिए कड़ा शिकंजा कस दिया है। हाई-टेक सीसीटीवी कैमरों और फ्लाइंग स्क्वायड की कड़ी निगरानी के चलते प्रदेश भर में अब तक अनुचित साधनों के इस्तेमाल (यूएमसी) के 27 मामले पकड़े जा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 11 मामले अकेले चंबा जिले में दर्ज किए गए हैं, जिसने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर बोर्ड को और भी सतर्क कर दिया है।
बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष नकल पर नकेल कसने के लिए चलाए गए अभियान के सटीक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश भर में पकड़े गए कुल 27 मामलों में से चंबा जिले के परीक्षा केंद्रों में सर्वाधिक 11 परीक्षार्थियों को नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इसके अलावा, कांगड़ा जिले में 5, सिरमौर में 4, मंडी में 3, ऊना में 2 तथा कुल्लू और शिमला में एक-एक मामला सामने आया है।
परीक्षा केंद्रों में नकल रोकने के लिए इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि परीक्षाओं की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की मदद से ‘थर्ड आई’ सर्विलांस किया जा रहा है। इसके साथ ही, फ्लाइंग स्क्वायड की टीमें लगातार औचक निरीक्षण कर रही हैं, जिससे परीक्षा हॉल में किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश को खत्म किया जा सके।