नंदीग्राम उपचुनाव: मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत को चुनौती, सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार

नई दिल्ली, 30 सितंबर । उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कलकत्ता उच्च न्यायालय से मिली अंतरिम जमानत को चुनौती देने वाली पश्चिम बंगाल पुलिस की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस याचिका पर 5 अक्टूबर को सुनवाई करने का आदेश दिया।

बुधवार को मुख्य न्यायाधीश की बेंच के समक्ष पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उच्च न्यायालय ने मिलन प्रधान को चुनाव में हिस्सा लेने के लिए अंतरिम जमानत दी है जबकि अपराध के मामले में किसी भी सामान्य व्यक्ति की तरह पेश आया जाना चाहिए था। मेहता की तत्काल सुनवाई की मांग को दरकिनार करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वे राज्य सरकार की याचिका खारिज कर सकते हैं, आज नहीं तो सोमवार (5 अक्टूबर) को।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 29 सितंबर को मिलन प्रधान को विधानसभा उपचुनाव लड़ने के लिए तीन हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी। वह कांग्रेस पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार हैं और तृणमूल कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है। उन्हें नंदीग्राम विधानसभा सीट से उपचुनाव में नामांकन करने के बाद गिरफ्तार किया गया। उन्हें 2007 के नंदीग्राम प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किया गया। उच्च न्यायालय ने अंतरिम जमानत देते समय कहा कि राज्य सरकार यह साबित नहीं कर सकी कि 2007 के बाद मिलन प्रधान वांछित थे।

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