धार्मिक आस्था के साथ देश की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभाव को मजबूत करने का माध्यम है बूढ़ा अमरनाथ यात्रा : राजेंद्र

प्रयागराज, 21 अगस्त । बूढ़ा अमरनाथ यात्रा केवल धार्मिक आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभाव को मजबूत करने का माध्यम भी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का एक स्थान पर पहुंचना राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत करता है। उक्त बातें शुक्रवार को पवित्र एवं साहसिक बूढ़ा अमरनाथ यात्रा के लिए काशी प्रांत और उड़ीसा प्रांत से जा रहे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का स्वागत करने के समय विश्व हिंदू परिषद के काशी प्रांत संगठन मंत्री राजेंद्र ने कहीं।

उन्होंने कहा कि बूढ़ा अमरनाथ यात्रा का गौरवपूर्ण इतिहास चुनौतियों के बीच शुरू हुआ। आतंकवादियों की धमकियों के कारण वर्ष 1990 से यह यात्रा बंद थी। वर्ष 2005 में बजरंग दल ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए पुंछ और राजौरी में स्थित बाबा बूढ़ा अमरनाथ की यात्रा को देशभर से जोड़ने का संकल्प लिया। इसके बाद वर्ष 2005 से लगातार यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। आज यात्रा पहले की अपेक्षा अधिक भव्य और दिव्य स्वरूप में दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि समाज की व्यापक सहभागिता से यात्रा की व्यवस्थाएं भी लगातार बेहतर हुई हैं। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होकर धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश दे रहे हैं।

पवित्र एवं साहसिक बूढ़ा अमरनाथ यात्रा के लिए काशी प्रांत और उड़ीसा प्रांत से जा रहे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का शुक्रवार को प्रयागराज जंक्शन पर स्वागत किया गया। विश्व हिंदू परिषद के काशी प्रांत संगठन मंत्री राजेंद्र के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया गया। इस दौरान प्रयाग विभाग के संगठन मंत्री आलोक भी मौजूद रहे।

प्रयागराज जंक्शन पर कार्यकर्ताओं के स्वागत के दौरान प्रयाग महानगर उत्तर के मंत्री योगेश, लवलेश बजरंगी, शुभम कुशवाहा, दिग्विजय, लक्ष्मी नारायण सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए मंगलमय एवं सफल यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

बूढ़ा अमरनाथ यात्रा के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को जोड़ने का यह प्रयास धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभाव को मजबूत करने का संदेश दे रहा है।

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