अनूपपुर: रेलवे ओवरब्रिज का कार्य गंभीरता एवं रुचि के साथ शीघ्र पूर्ण करें अधिकारी- कलेक्टर

अनूपपुर, 12 अगस्त । कलेक्टर रत्नाकर झा बुधवार को जिला मुख्यालय अनूपपुर में निर्माणाधीन रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति एवं मौके पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। जहां संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से कार्य की वर्तमान स्थिति, पूर्ण किए जा चुके कार्यों तथा लंबित कार्यों, निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री, गुणवत्ता एवं निर्धारित तकनीकी मापदंडों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजना नागरिकों की सुविधा एवं सुगम आवागमन से सीधे जुड़ी है, इसलिए निर्माण कार्य को गंभीरता, रुचि एवं पूर्ण गुणवत्ता से कराएं जाने पर जोर दिया।

निरीक्षण के पश्चात कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के नर्मदा सभागार में संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर रेलवे फ्लाईओवर की प्रगति की विस्तृत समीक्षा के दौरान लंबित कार्यों की जानकारी ली। जिस पर रेलवे विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अपने स्तर का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिस पर कलेक्टर ने शेष कार्यों को कार्य योजना बनाकर तथा मजदूरों को मोबिलाइज कर निर्माण एजेंसी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय से शीघ्र पूर्ण करें। बैठक में बताया गया कि रिटर्निंग वॉल, गार्डर एवं विद्युत पोल संबंधी कार्य प्रगतिरत है।

कलेक्टर ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी परियोजना की प्रगति की निरंतर समीक्षा करते हुए कार्य में अपेक्षित गति सुनिश्चित करें। रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज के ड्रेनेज सिस्टम की समीक्षा में निर्देश दिए कि ब्रिज एवं रेलवे लाइन के विद्युतीकरण क्षेत्र में जलभराव के कारण किसी भी प्रकार का व्यवधान की स्थिति निर्मित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए ड्रेनेज सिस्टम को तकनीकी दृष्टि से बेहतर एवं प्रभावी बनाया जाए तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने तथा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

2 करोड़ की योजना पहुंच गई 20 करोड़ के पार

जिला मुख्यालय में रेलवे फाटक की समस्या को खत्म करने के लिए लगभग आठ साल पहले इस ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ था। उस समय इसकी लागत करीब 12 करोड़ रुपए और समयसीमा 18 महीने तय की गई थी। लगातार होती देरी के कारण अब इस परियोजना की लागत बढ़कर लगभग 20 करोड़ रुपए पहुंच चुकी है। वर्तमान स्थिति की बात करें तो अस्पताल की तरफ लगभग 118 मीटर रिटेनिंग वॉल का काम बाकी है, जबकि कोतवाली तिराहे की ओर 130 मीटर दीवार बनने के बाद उसमें फीलिंग और ढलाई का काम अधूरा है।

अंडरब्रिज के चक्कर में भटक रहे लोग

ओवरब्रिज का काम अधूरा रहने से जनता को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। रेलवे लाइन के एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए लोगों को अंडरब्रिज वाले रास्ते से होकर जाना पड़ता है। इससे हर बार दो से तीन किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है, जिससे मरीज, छात्र और रोजाना सफर करने वाले लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

29 जुलाई को सेतु निगम की सीई सरस्वती त्रिपाठी ने बताया था कि निर्माण कार्य दीपावली तक नहीं, बल्कि 31 दिसंबर तक पूरा हो पाएगा। जमीन मिलने के बाद अब रिटेनिंग वॉल और सर्विस रोड के निर्माण में तेजी आएगी। रेलवे की ओर से जमीन आवंटन में हुई देरी के कारण काम करीब तीन साल पिछड़ गया।

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