हिमाचल बोर्ड ने मार्च 2027 की परीक्षाओं के लिए जारी किए नए ‘योग्यता आधारित’ मॉडल पेपर

धर्मशाला, 11 अगस्त । हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने स्कूली शिक्षा में एक बड़े और सकारात्मक बदलाव की ओर कदम बढ़ाया है। विद्यार्थियों को रटने की विद्या से निकालकर उनकी वास्तविक समझ और कौशल को परखने के लिए, बोर्ड ने मार्च-2027 में होने वाली परीक्षाओं के लिए आधुनिक और ‘योग्यता आधारित’ आदर्श प्रश्न-पत्र (मॉडल पेपर) और अंक विभाजन तैयार कर लिए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप उठाए गए इस कदम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पास होने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह सक्षम बनाना है।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने इस नई पहल की जानकारी देते हुए बताया कि अब शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्य सामग्री को रटना नहीं है। बोर्ड ने परख टैक्सोनॉमी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रश्न-पत्रों को अधिक विद्यार्थी-केंद्रित और आधुनिक बनाया है। आगामी परीक्षाओं में इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा कि विद्यार्थी किसी विषय की अवधारणा को कितना गहराई से समझते हैं। अब परीक्षाओं में छात्रों की विश्लेषणात्मक क्षमता, रचनात्मक सोच, समस्या समाधान कौशल और उस ज्ञान के व्यावहारिक परिस्थितियों में उपयोग को परखा जाएगा।

यह बदलाव केवल सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं (जमा एक और जमा दो) तक ही सीमित नहीं है। प्राथमिक स्तर पर ही बच्चों की नींव मजबूत करने के लिए कक्षा पांचवीं (शैक्षणिक सत्र 2026-27) की ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन दोनों परीक्षाओं के लिए नए आदर्श प्रश्न-पत्र तैयार किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिन व्यावसायिक विषयों के पाठ्यक्रम में हाल ही में संशोधन किया गया है, उनके लिए भी नए पाठ्यक्रम के अनुसार मॉडल पेपर और अंक विभाजन जारी कर दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों को तैयारी में कोई असुविधा न हो।

परीक्षा प्रणाली के इस अहम बदलाव को समय रहते सभी तक पहुंचाने के लिए बोर्ड ने त्वरित कदम उठाए हैं। कक्षा 11वीं, 12वीं और 5वीं के ये सभी आदर्श प्रश्न-पत्र और अंक विभाजन हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट में उपलब्ध करवा दिए गए हैं।

बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने प्रदेश भर के विद्यार्थियों से आग्रह किया है कि वे अपनी परीक्षा की तैयारी के लिए इन आदर्श प्रश्न-पत्रों को मुख्य आधार बनाएं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल प्रश्नों को याद करने के बजाय हर विषय की मूल अवधारणाओं को समझने पर फोकस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *