10 हजार 857 किलोग्राम धागा 215 कट्टों में बरामद किया गया है।
उच्च गुणवत्ता वाला धागा विदेश निर्यात के लिए कंटेनरों में लोड करके गुरुग्राम के
आईसीडी गढ़ी हरसरू भेजा गया था। शिकायत के अनुसार इस वर्ष 13 अगस्त को चीन भेजे जाने
वाले 23 हजार 668.92 किलोग्राम धागे की कीमत करीब 71.24 लाख रुपये थी। धागे को कंटेनर
में लोड कर सीमा शुल्क विभाग की आरएफआईडी और ई-सील लगाकर ट्रेलर के माध्यम से रवाना
किया गया था। बाद में कंटेनर की जांच करने पर उसमें धागे की जगह बजरी-कंकड़ भरे हुए
जांच के दौरान शिकायतकर्ता कंपनी ने एक अन्य घटना की जानकारी भी दी। इस वर्ष
19 अगस्त को बांग्लादेश भेजे जाने वाले 23 हजार 668.92 किलोग्राम धागे के 473 कार्टन
कंटेनर में लोड किए गए थे, जिनकी कीमत करीब 71.01 लाख रुपये थी। इस कंटेनर को भी सीमा
शुल्क विभाग की आरएफआईडी और ई-सील लगाकर रवाना किया गया था। बाद में बांग्लादेशी ग्राहक
से ईमेल के माध्यम से सूचना मिली कि कंटेनर में धागे की जगह बजरी-कंकड़ भरे हुए हैं
और सील भी टूटी हुई नहीं थी। इस प्रकार दोनों घटनाओं में कंपनी के कुल करीब एक करोड़
42 लाख 25 हजार 518 रुपये कीमत के धागे का गबन होना सामने आया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 16 सितंबर को पुलिस उपाधीक्षक अपराध कमलजीत
की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया। जांच के दौरान कंपनी से संबंधित
दस्तावेज, बिल, माल की मात्रा, कंटेनर एवं परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड कब्जे में लेकर
उनका अवलोकन किया गया। जांच के दौरान आरोपी कलीम अहमद से पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार
किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में नहटौर स्थित अपने गोदाम में मामले
से संबंधित धागा रखे होने की जानकारी दी। इसके सीआईए की टीम ने आरोपी की निशानदेही
पर गोदाम में छापेमारी कर 215 कट्टों में रखा कुल 10 हजार 857 किलोग्राम धागा बरामद