शिमला, 09 अक्टूबर । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश में सड़क, रेल, स्वास्थ्य और औद्योगिक परियोजनाओं को समयबद्ध पूरा करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास पर 55,103 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। राज्य सरकार को स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी लाने, लंबित मामलों का समाधान करने और उपलब्ध राशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। नड्डा ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।
नड्डा ने 15,624 करोड़ रुपये की किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसे सितंबर 2026 में राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है। 15 सितंबर को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच समझौता हुआ है। टोंस नदी पर प्रस्तावित इस परियोजना से करीब 97 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा और 1,476 मिलियन यूनिट जलविद्युत उत्पादन का अनुमान है। राष्ट्रीय परियोजना के तहत करीब 90 प्रतिशत वित्तीय भार केंद्र सरकार और शेष 10 प्रतिशत संबंधित राज्य उठाएंगे।
नड्डा ने कीरतपुर-मनाली, पठानकोट-मंडी, परवाणू-शिमला और शिमला-मटौर राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। प्रदेश में 25 राष्ट्रीय राजमार्गों का कुल नेटवर्क 2,592 किलोमीटर है। कीरतपुर-मनाली परियोजना के पंडोह-टकोली खंड को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परवाणू-सोलन खंड पूरा हो चुका है, जबकि सोलन-कैथलीघाट खंड सितंबर 2027 और शिमला बाईपास सितंबर 2028 तक पूरा करने की अपेक्षा है। उन्होंने बाढ़ और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थायी बहाली पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 26,506 किलोमीटर सड़कें स्वीकृत हैं, जिनमें से 23,601 किलोमीटर का निर्माण पूरा हो चुका है। नड्डा ने शेष कार्यों में तेजी लाने को कहा।
भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल परियोजना के भानुपल्ली-बिलासपुर खंड को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन भी दिसंबर 2027 तक पूरी करने की योजना है। नड्डा ने राज्य की लंबित हिस्सेदारी जारी करने और भूमि अधिग्रहण के मामलों को शीघ्र सुलझाने पर जोर दिया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में उन्होंने बिलासपुर एम्स, मेडिकल कॉलेजों और ऊना स्थित पीजीआई सैटेलाइट सेंटर सहित स्वीकृत सुविधाओं का काम तेज करने को कहा। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत स्वीकृत क्रिटिकल केयर ब्लॉक, जनस्वास्थ्य प्रयोगशालाओं और अन्य इकाइयों के निर्माण में तेजी लाने पर भी जोर दिया। उन्होंने ऊना के बल्क ड्रग पार्क सहित औद्योगिक परियोजनाओं में स्वीकृत सहायता का समय पर उपयोग करने की आवश्यकता बताई। नड्डा ने कहा कि विकास परियोजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्य के बीच समन्वय, नियमित निगरानी और जवाबदेही जरूरी है।