नेपाल बाढ़ के एक महीने बाद राहत और पुनर्वास के नए चरण में

काठमांडू, 01 अक्टूबर । नेपाल सरकार ने विनाशकारी बाढ़ के एक महीने बाद खोज एवं बचाव अभियान से खोज, पुनर्प्राप्ति और पुनर्वास के चरण में जाने का फैसला किया है। आज से सरकार ने बचाव अभियान पूरा होने की घोषणा करते हुए अब कानून में संशोधन कर लापता लोगों को मृत घोषित करने, उनके परिवारों को राहत देने, अस्थायी आवास बनाने और विस्थापितों के पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा किराए के मकान में रहना चाहने वाले परिवारों को मासिक 15 हजार रुपये देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

गृहमंत्री सुधन गुरुंग की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन कार्यकारी समिति की 37वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया। समिति के सदस्य-सचिव एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी प्रमुख डॉ. धर्मराज उप्रेती ने बताया कि नेपाली सेना, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और जिला सुरक्षा समितियों की रिपोर्ट का विश्लेषण करने के बाद यह फैसला लिया गया।

उन्होंने कहा कि जलविद्युत परियोजनाओं के दो टनल और कुछ अन्य मलबे वाले क्षेत्रों में अभी भी खोज अभियान जारी है, लेकिन अब किसी व्यक्ति के फंसे या दबे होने की स्थिति में बचाव अभियान चलाने की आवश्यकता नहीं है। इसी वजह से सरकार ने अभियान को नए चरण में ले जाने का फैसला किया है। डॉ. उप्रेती के अनुसार, भूमि व्यवस्था मंत्रालय के मंत्रीस्तरीय निर्णय से गठित समिति ने पुनर्वास के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान कर ली है। स्थानीय निकाय के निर्णय, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से रिपोर्ट में चिन्हित जमीनों में जरूरत के अनुसार अस्थायी आवास बनाए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि विकास साझेदार संस्थाओं को भी शामिल करते हुए भौतिक पूर्वाधार तथा यातायात मंत्रालय अस्थायी आवास निर्माण का काम करेगा। हालांकि, स्थानीय निकायों और संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद ही आवास निर्माण शुरू किया जाएगा। सरकार ने ऐसे परिवारों को, जो अस्थायी आवास में रहने के बजाय किराए के मकान में रहना चाहते हैं, हर महीने 15 हजार रुपये देने का फैसला पहले ही कर लिया है। अब इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, अब तक सात स्थानीय निकायों के 278 परिवारों ने तत्काल अस्थायी आवास में रहने की इच्छा जताई है। इसके अलावा रसुवा के गोसाइँकुंड गांवपालिका के करीब 400 परिवार तथा उत्तरगया समेत अन्य स्थानीय निकायों से विस्थापित 350 परिवार नुवाकोट के विदुर नगरपालिका स्थित होल्डिंग सेंटर में रह रहे हैं। हालांकि, इन विस्थापित परिवारों के लिए आगे की व्यवस्था और विकल्प तय करने की प्रक्रिया अभी जारी है।

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