हिसार : जाति प्रमाणपत्र में नाम बदलने के प्रस्ताव के विरोध में भीम आर्मी ने सौंपा ज्ञापन

इस संबंध में सिफारिश भेजने की बात कही थी।

जिला प्रभारी अमित जाटव ने कहा कि अनुसूचित जातियों की सूची में संशोधन का

प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 341 में है और इसमें बदलाव की प्रक्रिया संसद और राष्ट्रपति

से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव आगे बढ़ाना

संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप होना चाहिए। वहीं जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट सुरेंद्र इंदल

ने आरोप लगाया कि बिना व्यापक सामाजिक सहमति के जातीय पहचान में बदलाव का प्रयास दलित

समाज की एकता को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सरकार से प्रस्ताव वापस लेने की मांग

की। ज्ञापन में मुख्यमंत्री की घोषणा को वापस लेने, अनुसूचित जातियों की संवैधानिक

पहचान से जुड़े मामलों में प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने, दलित युवाओं के बैकलॉग

पद भरने, छात्रवृत्तियों का समय पर भुगतान करने तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार

निवारण अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई। भीम आर्मी नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो संगठन प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के अगस्त में दिए

बयान के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में इस प्रस्ताव के विरोध में ज्ञापन और प्रदर्शन

हुए हैं।

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