ट्रंप ने 9/11 की बरसी से पहले अल-कायदा से जुड़े लोगों पर से हटाया प्रतिबंध

वॉशिंगटन, 05 सितंबर । अमेरिका में 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी की तैयारियों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के एक कथित फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने अल-कायदा से जुड़े कई लोगों को अपनी नामित आतंकवादियों की सूची से हटा दिया है।

ईरान सरकार की अंतरराष्ट्रीय समाचार नेटवर्क प्रेस टीवी

ने ‘ग्रे ज़ोन’ की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि सूची से हटाए गए लोगों में सीरिया में अल-कायदा की शाखा से जुड़े कमांडर, रिक्रूटर और फाइनेंसर शामिल हैं। इनमें सऊदी धर्मगुरु अब्दुल्ला मुहयसिनी का नाम भी बताया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, मुहयसिनी ने सीरिया में लड़ाकों की भर्ती और कट्टरपंथी गतिविधियों में भूमिका निभाई थी। उसका नाम कथित तौर पर सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा (पूर्व में अबू मोहम्मद अल-जुलानी) के अनुरोध पर सूची से हटाया गया।

हालांकि, इस पूरे मामले से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। अल-जुलानी का अतीत अल-कायदा की सीरियाई शाखा अल-नुसरा से जुड़ा रहा है। बाद में संगठन ने अपना नाम बदलकर हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) कर लिया था।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अबू सुलेमान अल-मुहाजिर, शफी सुल्तान मोहम्मद अल-अजमी और अब्दुल समरेज़ जशारी समेत अन्य लोगों को भी अमेरिकी प्रतिबंध सूची से हटाया गया है।

अमेरिकी प्रशासन की ओर से इन सभी मामलों पर विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सूची से हटाने का आधार और उद्देश्य क्या था।

11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर हुए आतंकी हमलों के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश प्रशासन ने अल-कायदा और तालिबान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था। अमेरिका ने 7 अक्टूबर 2001 को अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई शुरू की।

बाद में अमेरिका की सैन्य गतिविधियां इराक और सीरिया तक फैल गईं, जहां इस्लामिक स्टेट यानी दाएश (आईएसआईएस) के खिलाफ भी अभियान चलाया गया।

अल-कायदा से जुड़े बताए जा रहे लोगों पर प्रतिबंध हटाने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका 9/11 हमलों की 25वीं बरसी की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में इस फैसले को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञों और विश्लेषकों के बीच सवाल उठना स्वाभाविक है।

हालांकि, प्रतिबंध सूची में किसी व्यक्ति का नाम हटना अपने आप में उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों के खत्म होने का प्रमाण नहीं होता। इस मामले में अमेरिकी सरकार की आधिकारिक जानकारी और संबंधित दस्तावेजों से ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगीा।————–

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